किसी ने सत्य ही कहा है कि अगर सुख-शांति की तलाश हो, तो पहाड़ी इलाके ही एकमात्र ऐसे विकल्प हैं जहां आपको सुख-शांति की अनुभूति होती है। कुछ ऐसा ही है हमारा ‘उत्तराखंड’ ,इस भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों को लोगों से कोई मतलब नहीं होता, लेकिन यहां (उत्तराखंड) में लोग एक दूसरे के साथ हमेशा से हंसी खुशी रहते आए हैं और ये परंपरा आज भी चली आ रही है। इसके साथ ही यहां के खूबसूरत पर्यटन स्थल उत्तराखंड की सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं और इसी के चलते लोगों के मन में उत्तराखंड की एक सुंदर छवि बन गई है। यहां लोगों की सुबह जिन दृश्यों के साथ होती है, या कहें इतनी खुशनुमा भरे पलों से लोगों के दिन की शुरूआत होती है, उससे लोगों को शांति की अनुभूति होना तो लाजमी ही है। सुबह-सुबह पहाड़ों से उगते सूरज का मनोरम दृश्य, चिड़ियाओं की चहचहाट, उठते ही बड़ो का आशीर्वाद और छोटों का प्यार मिलने से लोगों का दिन तो खुशी-खुशी ही बितता ही है साथ ही यहां की संस्कृति और वातावरण कुछ ऐसा है कि लोगों को यह राज्य अपनी ओर खींच ही लाता है। भले ही शहरों में आ कर एक पल के लिए लोग अपनी संस्कृतियों को भूल जाते हैं, लेकिन जैसे ही हम दुबारा उत्तराखंड जाते है वैसे ही हमारी यह संस्कृति हमारे साथ-साथ खड़ी दिखाई देती है। लोगों को यहां एक-दूसरे की परवाह है, एक-दूसरे की मदद करना, सुख-दुख में शामिल होना यहां की संस्कृति को दर्शाता है। यहां लोगों में मासूमियत के साथ-साथ ईमानदारी भी है शायद इसी कारण यहां के लोगों को पूरे भारत में मान-सम्मान दिया जाता है।
              Camp at chopta
  #उत्तराखंड का मौसम मिज़ाज
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां ठंड तो काफी होती ही है, तो दूसरी ओर यहां गर्मी में ठंड जैसा माहौल रहता है, कहने का मतलब ये है कि लोगों के गर्मी से बचने का यह एक सबसे अच्छा विकल्प भी है और इसी कारण लोग यहां गर्मी से अपने आप को बचाने इस पहाड़ी राज्य की ओर आते हैं। उत्तराखंड हिमालय से घिरा है और इसी कारण यहां पर गर्मी को आसानी से सहन किया जा सकता है।
 ashram near the banks of river ganges
#आस्था का केंद्र बिंदु
कहा जाता है कि उत्तराखंड में 33 करोड देवी-देवता निवास करते हैं। इसी कारण धार्मिक दृष्टि से उत्तराखंड एक अलौकिक स्थान है। उत्तराखंड को अगर प्रमुख धार्मिक स्थल कहा जाए तो गलत नहीं होगा, राज्य में प्रमुख धार्मिक स्थलों में हरिद्वार, ( जिसके नाम का अर्थ है हरि यानि भगवान की नगरी ), यमुनोत्री, गंगोत्री, बद्रीनाथ, केदारनाथ जैसे कुछ प्रमुख तीर्थ स्थल हैं। साथ ही यहां कि नदियों में भी लोगों के पाप के निवारण की शक्ति है, नदियों में प्रमुख नदी गंगा नदी मानी जाती है। यहां लोग अपने पाप धोने, अपने पूर्वजों के तर्पण के लिए आते हैं। गंगा नदी का प्रारम्भ अलकनन्दा व भागीरथी नदियों से होता है।

holi in garhwali

 

#त्यौहारो की ख़ासियत और फ़सले

अगर त्यौहारों की बात करें तो शायद हर महीने यहां कोई न कोई त्यौहार मनाया ही जाता है। आज भी यहां के लोग अपनी परंपराओं को निभाना नहीं भूले हैं। त्यौहारों के दौरान सभी घरों में पकवान बनते हैं और लोग एक-दूसरे को इनका आदान-प्रदान भी करते हैं। जो यहां के आपसी भाई-चारे को दर्शाता है। सिर्फ पकवानों के आदान-प्रदान से ही नहीं बल्कि लोग एक-दूसरे की मदद करके भी अपनी संस्कृति को बनाये रखते हैं। यहां के लोग मेहनती हैं, इसका मतलब ये हुआ कि यह कृषि बाहुल्य राज्य है। यहाँ कृषि लोगों के रोजगार का एक मुख्य विकल्प है। यहां चावल, गेहूं, मोटा अनाज (मडुवा, ज्वार, बाजरा) के साथ-साथ सरसों, सोयाबीन, तिल जैसी तिलहनी आदि फसलें उगाई जाती हैं।
dhanaulti

#सुकून का अनुभव करवाते पर्यटन स्थल

यहाँ रोजगार का एक मुख्य साधन पर्यटन भी है। पर्यटन की दृष्टि से उत्तराखंड राज्य पूरे विश्व में पहचाना जाता है। लोग यहां की खूबसूरती को निहारने के लिए विश्व भर से आते हैं। पहाडों से घिरे इस राज्य की बनावट ही कुछ ऐसी है कि लोग यहां खिंचे चले आते हैं,प्रमुखत: नैनीताल, मसूरी, अल्मोड़ा, कौसानी (भारत का स्विटजरलैंड), देहरादून, धर्मनगरी हरिद्वार, उत्तराकाशी, पिथौरागढ़ आदि जगहें हैं जहां लोग घूमने और इसके खूबसूरत दृश्यों को निहारने आते हैं। सही मायनों में अगर देखें तो यहां सब कुछ है जो हर आदमी अपने जीवन में चाहता है, जैसे कि सुख शांति, अपनापन, प्राकृतिक सुंदरता ऐसी कि जिसे लोग अपने सपने मे कल्पना करते है लगभग वो सारी चीज़ें यहाँ हकीकत में है।

Manoj Joshi