mussoorie

 

‘मसूरी’ उत्तराखंड की खूबसूरती  में बसे अनेक आकर्षक स्थानो में से एक है। इसे ‘पर्वतों की रानी मसूरी’ भी कहा जाता है। मसूरी की सुंदरता का लुप्त उठाने के लिए हर वर्ष यहाँ बड़ी संख्या में पर्यटकों की तदात लगी होती है। मसूरी को गंगोत्री का प्रवेश द्वार भी माना जाता है। इसकी औसत ऊँचाई समुदरतल से २००५ मीटर (६६०० फ़ीट) है । इसके नाम के बारे में प्रायः लोगों का कहना है की यहाँ उगनेवाले एक पौधे  ‘मंसूर’ को इसके नाम का कारण माना जाता है जिसे बाद में इस नाम को ‘मसूरी’ बोला जाने लगा।

# मुख्य आकर्षण :

मसूरी में मुख्य आकर्षण के केंद्रो के नाम  कुछ इस प्रकार है।

१- गनहिल : गन हिल से हिमालय पर्वत श्रृंखला अर्थात् बंदरपंच, श्रीकांता, पिठवाड़ा और गंगोत्री समूह आदि के सुंदर दृश्य देखे जा सकते हैं, साथ ही मसूरी और दून-घाटी का विहंगम दृश्य भी यहां से देखे जा सकते हैं।

२- तिब्बती मंदिर : बौद्ध सभ्यता की गाथा कहता यह मंदिर निश्चय ही पर्यटकों का मन मोह लेता है। इस मंदिर के पीछे की तरफ कुछ ड्रम लगे हुए हैं। जिनके बारे में मान्यता है कि इन्हें घुमाने से मनोकामना पूरी होती है।

३- चाइल्डस् लाज  : लाल टिब्बा के निकट यह मसूरी की सबसे ऊंची चोटी है। टूरिस्ट कार्यालय से यह 5 कि॰मी॰ कि दूरी पर है, यहां तक घोड़े पर या पैदल भी पहुंचा जा सकते है। यहां से बर्फ का दृश्य देखना बहुत रोमांचक लगता है।

४- म्यूनिसिपल गार्डन :  मसूरी का वर्तमान कंपनी गार्डन (म्युनिसिपल गार्डन) आजादी से पहले तक बोटेनिकल गार्डन भी कहलाता था। सन्‌ 1842 के आस-पास उन्होंने इस क्षेत्र को सुंदर उद्यान में बदल दिया था। बाद में इसकी देखभाल कंपनी प्रशासन के देखरेख में होने लगी थी इसलिए इसे कंपनी गार्डन या म्युनिसिपल गार्डन कहा जाने लगा।

५- कैमल बैंक रोड : कुल 3 कि॰मी॰ लंबा यह रोड रिंक हॉल के समीप कुलरी बाजार से आरंभ होता है और लाइब्रेरी बाजार पर जाकर समाप्त होता है। इस सड़क पर पैदल चलना या घुड़सवारी करना अच्छा लगता है। हिमालय में सूर्यास्त का दृश्य यहां से सुंदर दिखाई पड़ता है। मसूरी पब्लिक स्कूल से कैमल रॉक जीते जागते ऊंट जैसी लगती है।

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६- कैम्पटि फाल : ऊंचे-ऊंचे पर्वतों से घिरे इस जलप्रपात के मनभावन नजारे लोगों का दिल जीत लेते हैं। यहां की शीतलता में नहाकर पर्यटकों का मन तरोताजा हो जाता है। खासतौर से गर्मी के मौसम में कैम्प्टी जलप्रपात में स्नान करने का अनुभव आप जिंदगी भर नहीं भुला पाएंगे।

७- भट्टा फाल : यह फाल मसूरी-देहरादून रोड पर मसूरी से 7 कि॰मी॰ दूर स्थित है। पर्यटक बस या कार द्वारा यहां पहुंचकर आगे की 3 कि॰मी॰ दूरी पैदल तय करके झरने तक पहुंच सकते हैं। स्नान और पिकनिक के लिए यह अच्छी जगह है।

८- झडिपानी फाल : यह फाल मसूरी-झड़ीपानी रोड पर मसूरी से 8.5 कि॰मी॰ दूर स्थित है। पर्यटक झड़ी- पानी तक 7 कि॰मी॰ की दूरी बस या कार द्वारा तय करके यहां से पैदल 1.5 कि॰मी॰ दूरी पर झरने तक पहुंच सकते हैं।

९- नाग देवता मंदिर : कार्ट मेकेंजी रोड पर स्थित यह प्राचीन मंदिर मसूरी से लगभग 6 कि॰मी॰ दूर है। वाहन ठीक मंदिर तक जा सकते हैं। यहां से मसूरी के साथ-साथ दून-घाटी का सुंदर दृश्य दिखाई देता है।

१०- मसूरी झील : मसूरी-देहरादून रोड पर यह नया विकसित किया गया पिकनिक स्पॉट है, जो मसूरी से लगभग 6 कि॰मी॰ दूर है। यह एक आकर्षक स्थान है। यहां पैडल-बोट उपलब्ध रहती हैं। यहां से दून-घाटी और आसपास के गांवों का सुंदर दृश्य दिखाई देता है।

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११- वाम चेतन केंद्र : टिहरी बाई-पास रोड पर लगभग 2 कि॰मी॰ की दूरी पर यह एक विकसित किया गया पिकनिक स्पॉट है, इसके आसपास पार्क है जो देवदार के जंगलों और फूलों की झाड़ियों से घिरा है। यहां तक पैदल या टैक्सी/कार से पहुंचा जा सकता है। पार्क में वन्य प्राणी जैसे घुरार, कण्णंकर, हिमालयी मोर, मोनल आदि आकर्षण के मुख्य केंद्र हैं।

१२- सर जॉर्ज़ एवरेस्ट हाउस : 6 कि॰मी॰ की दूरी पर भारत के प्रथम सर्वेयर जनरल सर जॉर्ज एवरेस्ट की दि पार्क एस्टेट है, उनका आवास और कार्यालय यहीं था, यहां सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है। विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट का नाम इन्हीं के नाम पर रखा गया है।

१३- ज्वालाजी मंदिर : मसूरी से 9 कि॰मी॰ पश्चिम में 2104 मी. की ऊंचाई पर ज्वालाजी मंदिर स्थित है। यह बेनोग हिल की चोटी पर बना है, जहां माता दुर्गा की पूजा होती है। मंदिर के चारों ओर घना जंगल है, जहां से हिमालय की चोटियों, दून घाटी और यमुना घाटी के सुंदर दृश्य दिखाई देते हैं।

१४- क्लाउड़स एंड : क्लाउड्स एंड कहे जाने वाला होटल मसूरी हिल के एकदम पश्चिम में है।यह रिजार्ट घने जंगलों से घिरा है, जहां पेड़-पौधों की विविध किस्में हैं साथ ही यहां से हिमालय की हिमाच्छादित चोटियां और यमुना नदी को देखा जा सकता है। विदेशी पर्यटकों और हनीमून पर आने वाले दंपत्तियों के लिए यह सबसे उपयुक्त रिजार्ट है।

आवागमन माध्यम

१- हवाईमार्ग :

मसूरी के लिए निकटतम हवाई अड्डा ‘ जॉलीग्रैंट ‘ विमान क्षेत्र  लगभग ५४ किमी की दूरी पर है।

२- रेल मार्ग:

मसूरी के लिए निकटतम रेल्वे स्टेशन देहरादून (३५ से ३६ किलोमीटर) की दूरी पर है। जो की सभी प्रमुख नगरों से जुड़ता  है।

३- सड़क मार्ग:

देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग ७२ से जुड़ा है। बरकोट, देहरादून, नई दिल्ली, नैनीताल, सहारनपुर, श्रीनगर गढ़वाल, पुरानी टिहरी से कई रोडवेज़ की बसे नियमित रूप से निकलती रहती है। यह सफ़र कार या मोटरबाईक द्वारा  भी पूरा किया जाता है। पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रोडमार्ग में कई होटल व जलपान केंद्र की सुविधा भी उपलब्ध है व हिंदुस्तान पट्रोलियम द्वारा पट्रोल पम्प की भी सुविधा स्थापित की गई है।

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