dhanolti snow fall l

 

धनौल्टी एक पहाड़ी पर्यटन क्षेत्र है जो कि मसूरी से २४ किमी और चम्बा से ३१ किमी की दूरी पर है। समुद्र सतह से २२८७ किमी की ऊँचाई पर स्थित यह स्थान चारों ओर से देवदार के जंगलो से घिरा है अब ये देवदार के जंगल ही इस पर्यटन स्थल की पहचान बन चुके है। यह एक शांत व प्राकृतिक ख़ूबसूरती से परिपूर्ण स्थान है। शहरों व नगरों के शोर व भीड़भाड़ से दूर यह स्थान पर्यटकों को शांति व सुकून का एहसास दिलाता है। यहां रहने के लिए कुछ होटल बन गये है व पर्यटकों की सुविधा हेतु  गढवाल  मंडल टूरिज्म का गेस्ट हाउस भी है।

# मुख्य आकर्षण

१. ईको पार्क: ईको पार्क यहाँ के मुख्य आकर्षण का केन्द्र है। उत्तराखंड वन विभाग द्वारा व स्थानीय युवाओं की सहायता से यहाँ दो ईको पार्क बनाए गए है। इनके नाम इस तरह है ‘अम्बेर’ व ‘धारा’ पार्क। पार्क की प्रवेश फ़ीस बच्चों हेतु १० रुपए व २५ रुपए अन्य आयु वर्ग हेतु निर्धारित किया गया है। पर्यटकों के मनोरंजन के लिए साहसिक क्रीड़ा सुविधा भी उपलब्ध करवाए जाते है। पर्यटक अपनी याद के तोर पर यहाँ अपने नाम से वृक्ष भी रोप सकते है ऐसा प्रबंध भी वन विभाग द्वारा किया गया है और यक़ीनन पर्यावरण के लिए इससे सुंदर कोई तोफा नहीं हो सकता है इसके अलावा घुडसवारी व अन्य रोचक सवारियों का आनंद भी पर्यटक ले सकते है।

dhanaulti eco park view

 

२. सुरकंडा देवी मंदिर: धनौल्टी से ८ किलोमीटर की दूरी पर चम्बा जाने वाले मार्ग पर स्थित सुरकंडा देवी मंदिर अपनी देव्य शक्ति के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर का इतिहास यह बताता है की स्कन्द पुराण के अनुसार जब राजा दक्ष ने पार्वती माता व शिव को हवन में ना बुला कर अपमानित किया तब माँ ने अपने पिता दक्ष की हवन कुंड में अपने प्राणो की आहुति दी थी उसके पश्चात जब शिवजी द्वारा माता के सती शरीर को कंधो में ले जाया जा रहा था उस वक़्त सती के अँगो के अंश जिन जिन स्थानो पर पड़े व स्थान सिधिपीठ के नाम से प्रसिदध हुए। सुरकंडा मंदिर में सती की गर्दन गिरी थी, चंद्रबदनी में उनके शरीर का निचला हिस्सा गिरा तो वही कुंजा देवी में उनके शरीर का ऊपरी हिस्सा गिरा, यह तीनो मंदिर सिधिपीठ के रूप में प्रसिदध है। सती के शरीर के ५२ टुकड़े अलग अलग स्थनो पर पड़े और जहाँ भी ये टुकड़े गिरे वह स्थान सिधिपीठ के रूप में प्रसिदध हुआ। इसके अलावा बारेहीपानी, जोरांड़ा दशावतार मंदिर, हिमालयन वीवस, जैनमंदिर इत्यादि यहाँ के मुख्य आकर्षण के केंद्र है।

३: आलू खेती : धनौल्टी से १ किलोमीटर की दूरी पर उत्तराखंड सरकार के वन विभाग द्वारा आलू खेती की जाती है। यह आलू पहाड़ी आलू के रूप में दूसरे स्थानो व राज्यों में भी निर्यात किए जाते है। इनकी ख़ासियत यह है की ये पहाड़ी आलू स्वाद में बेहद स्वादिस्ट होते है।

 

# आवागमन सुविधा

१. हवाई मार्ग: धनौल्टी के लिए निकटतम हवाई मार्ग जॉली ग्रैंट हवाई अड्डा है जो की देहरादून में स्थित है। धनौल्टी से हवाई अड्डे तक की दूरी ८२ किमीमीटर की है व दिल्ली हवाई अड्डा ४०० किलोमीटर की दूरी पर है ।

२. रेलमार्ग : देहरादून रेल्वे स्टेशन धनौल्टी का निकटतम रेल्वे स्टेशन है इसकी दूरी ६० किलोमीटर की है।

३. सड़क मार्ग : सड़क मार्ग से धनौल्टी पहुँचने के लिए देहरादून से बस ली जा सकती है।

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