लम्बे समय से उत्तराखंड का संगीत संस्कृति व परंपराओं से जुड़ा रहा है, जिनके माध्यम से उत्तराखंड की सम्पूर्ण झलक देखने को मिलती है। परंतु आज का दौर बदलाव चाहता है, आज की युवा पीढी पाश्चात संस्कृति को अपनाते जा रही है वही उनकी संगीत प्रियता भी बदल चुकी है। युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़े रखते हुए साथ ही उनकी पसंद को ध्यान में रखते हुए समय के साथ बदलाव करना बेहद आवश्यक है, और यदि बात उत्तराखंड की हो तो यहाँ की युवा पीढ़ी तो बड़ी तेज़ी से देश विदेशी रूप में ढलती जा रही है। ऐसे में अपनी उत्तराखंड बोलीभाषा के हित में उसे आधुनिक संगीत तौर से जोड़ना किसी चुनौती से कम नहीं है। इस बात को बख़ूबी समझते हुए उत्तराखंड के ‘ विकेश उनियाल ‘ ने उत्तराखंड के संगीत को एक नया रूप देने का प्रयास किया है, और यह प्रयास है उत्तराखंडी गीतों में ‘ रैप ‘ जोड़ कर युवाओं तक पहुचाने का जिसे अब तक युवाओं द्वारा काफ़ी पसंद किया जा रहा है।

#जीवन परिचय व संगीत से जुड़ाव

उत्तराखंड, टिहरी गढ़वाल के ‘ रतोली ‘ गाँव में जन्मे २४ वर्षीय ‘ विकेश उनियाल ‘ का लगाव यू तो बचपन से ही संगीत की ओर था परंतु परिवार की आर्थिक सहायता हेतु उन्होंने महाराष्ट्र के ( पुणे ) शहर में पाँच सितारा होटेल में बतौर ‘ शेफ़ ‘ काम करना शुरू किया और इसी दौरान होटल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें अपने संगीत प्रेमी हुनर को लोगों को दिखाने का अवसर मिला। जहाँ उन्हें ख़ूब वाह वाही मिली। इसके बाद ‘ विकेश ‘ ने अपनी शेफ़ की नौकरी छोड़ चंडीगढ़ आकर संगीत पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया। यही वह दौर था जब विकेश  उत्तराखंड सुप्रसिदध गायक ‘ गजेंद्र राणा ‘ जी के सम्पर्क में आए और ‘ गजेंद्र राणा ‘ जी ने भी बड़े भाई की तरह संगीत जगत में विकेश का साथ दिया।#उत्तराखंडी संगीत को रैप से जोड़ने का कारण

जहाँ देश विदेश में गीत संगीत में बदलाव हों रहे है वही विकेश के अनुसार उत्तराखंड गीत को मर्यादित रूप से ‘ रैप ‘ से जोड़ने में कोई ख़राबी नही है, और जैसे की हम जानते है संगीत मानवी जीवन से लम्बे समय से जुड़ा है। वर्ष ७० से ८० के दशक दौरान अब तक के संगीत में काफ़ी बदलाव देखे गए है। विकेश का कहना है बदलते समय के साथ व युवाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए मेरे द्वारा उत्तराखंडी गीत को एक अलग स्तर देने की कोशिश की गई है । उम्मीद है लोगों को आगे भी ये कोशिश पसंद आएगी।#गीतो को मिला श्रोताओं का प्यार

विकेश का कहना है उनके गीत ‘ जय माँ काली , नंदनी व ढोल वाला औजी ‘ को अब तक श्रोताओं का बेहद प्यार मिला है साथ ही उत्तराखंड युवा पीढ़ी द्वारा उनके गीतों को बेहद पसंद किया जा रहा हैं। लोगों के प्यार ने उनका मनोबल और बड़ा दिया है और भविष्य में संगीत के क्षेत्र में निरंतर बेहतर प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया है।#श्रोताओं से उम्मीद व आभार

विकेश श्रोताओं से बस यही कहना चाहते है जिस प्रकार उन्होंने एक नए कलाकार के गीतों को पसंद करके उन्हें इतना प्यार दिया है उसके लिए वे उन्हें शुक्र गुज़ार रहेंगे। उम्मीद श्रोताओं से केवल इतनी है की वे हमेशा अपना प्यार और आशिर्वाद मुझ पर ऐसी बना कर रखे ताकि मैं नए नए गीतों के साथ उत्तराखंड के लोगों का मनोरंजन करता रहूँ ।।

विकेश उनियाल का गया हुआ लेटेस्ट गाना ढोल वाला औजी का लिंक निचे दिया गया आप उसको सुन सकते है और अपनी प्रतिक्रिया दे सकते है।।

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