चंद घंटे के लिए खिलता उत्तराखंड का राज्य पुष्प, दीदार के लिए करना पड़ता है वर्षभर का इंतज़ार

By | April 13th, 2018|Blog|

उत्तराखंड ना केवल अपनी प्राकृतिक ख़ूबसूरती व देव्यशक्तियो बल्कि प्राकृतिक संसाधनो से भी परिपूर्ण राज्य है। हिमालय की ऊँची घटियों व उत्तराखंड के जंगलो में ३००० से ५००० किलोमीटर की ऊँचाई पर एक ऐसा पुष्प पाया जाता है जो वर्ष में केवल एक बार खिलता है वो भी केवल चंद घंटो के लिए मात्र। भारत [...]

उत्तराखंडी पारम्परिक भोजन और उसके स्वास्थवर्धक फ़ायदे

By | March 20th, 2018|Blog|

उत्तराखंड पहाड़ी राज्य है जिसके कारण यहाँ के लोगों की जीवन शैली काफ़ी संघर्षिल व परिश्रमी होती है, और ऐसी जीवन शैली को जीने के लिए आवश्यक होता है प्रचुर मात्रा में पौष्टिक आहार जो की उत्तराखंड के लोगों को प्रकृति की देन के रूप में उत्तराखंड के जंगलो में ही भरपूर मात्रा में प्राप्त [...]

ग्रामीण व पहाड़ी इलाक़ों में रोज़गार का बेहतरीन पर्याय है : विलेज टूरिज़्म ( Village Tourisum )

By | March 12th, 2018|Blog|

इस लेख के माध्यम से में अपना एक सुझाव आप सभी के साथ साँझा कर रही हूँ और वह सुझाव है विलेज टूरिज़्म (Village Tourisum ) विषय से सम्भंधित। मैं उत्तराखंड राज्य से हूँ और यह एक पहाड़ी राज्य होने के साथ ही प्राकृतिक ख़ूबसूरती से परिपूर्ण राज्य है, परंतु दुर्भाग्यवस वर्तमान समय में हमारा [...]

इन ५ व्यवस्था सुधार के साथ रोका जा सकता ‘ उत्तराखंड पलायन ‘

By | March 1st, 2018|Blog|

पलायन का अर्थ है सुविधाओं का आभाव। जहाँ रोटी , कपड़ा ,मकान हर एक व्यक्ति की प्राथमिक ज़रूरत होती है तो वही इन ज़रूरतों के लिए मनुष्य ने वर्षों से संघर्ष किया है और इनकी खोज में वह लगातार एक स्थान से दूसरे स्थान तक भटकता भी रहा है। छोटे छोटे गाँव क़स्बों से एक [...]

कुछ इस तरह है भारत के दो पहाड़ी राज्यों एक दूजे से भिन्न

By | February 23rd, 2018|Blog|

इस लेख के माध्यम से भारत के दो पहाड़ी राज्य ' उत्तराखंड ' व ' हिमाचल प्रदेश ' से जुड़े अलग -अलग विषयों को आप सभी के समक्ष रखने का प्रयास किया जा रहा है ताकि आप स्वयं यह अनुमान लगा सके की दोनो राज्यो का किस स्तर पर विकास हो रहा है और किस [...]

भा रहा युवाओं को ‘विकेश उनियाल’ का उत्तराखंडी गीतों में लगाया रैप का तड़का।

By | February 16th, 2018|Blog|

लम्बे समय से उत्तराखंड का संगीत संस्कृति व परंपराओं से जुड़ा रहा है, जिनके माध्यम से उत्तराखंड की सम्पूर्ण झलक देखने को मिलती है। परंतु आज का दौर बदलाव चाहता है, आज की युवा पीढी पाश्चात संस्कृति को अपनाते जा रही है वही उनकी संगीत प्रियता भी बदल चुकी है। युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति [...]

पलायन और जंगली जानवरो के बीच फँसे है केवल: गरीब किसान

By | February 12th, 2018|Blog|

यदि कभी ऐसा हो की हमारी महीने भर की जमा पूँजी कही खो जाए तो क्या करेंगे आप ?? जी हाँ कुछ इसी प्रकार की घटना पिछले कई वर्षों से उत्तराखंड के किसानो के साथ होती आ रही है। उत्तराखंड के गाँव गाँव में जंगली जानवरो का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जो कि [...]

जानिए क्यों हो ‘ ग़ैरसैंण ‘ उत्तराखंड की राजधानी 

By | February 1st, 2018|Blog|

कई वर्षों पूर्व उत्तराखंड के कई क्रांतिकारियो द्वारा भारत सरकार के समक्ष एक माँग रखी गई। यह माँग थी एक अलग राज्य की, यह लड़ाई थी अपने अधिकारो की और लम्बे संघर्षो के बाद वर्ष ९ नवम्बर २००० को भाजपा सरकार द्वारा उत्तरप्रदेश राज्य से उत्तरांचल नाम के रूप में एक राज्य को विभाजित किया [...]

एक सोच पर्यावरण की ओर

By | January 27th, 2018|Blog|

  क्यों ना कुछ क्षणो के लिए अपनी आँखें बंद करके यह अनुभव किया जाए की हमारे जीवन के नए दिन की शुरूवात पक्षियो  की चहचहाट से हो, खिड़की के झरोको से बाहर देखते ही आँखो के समक्ष हरे भरे पेड़ पौधे से भरें पहाड़ नज़र आए ,जहाँ की हवाओ में मिट्टी की शोंधि शोंधि [...]

हास्यकलाकार भगवान चंद जी

By | January 19th, 2018|Blog|

  हर उत्तराखंडी के चेहरे पर मुस्कान हो उत्तराखंडी बोली के साथ (हास्यकलाकार भगवान चंद जी) जहाँ आज के दौर में प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को सफल व कामयाब बनाने की दौड़ में व्यस्त है। वही कुछ ऐसे लोग भी है जो अपनी संस्कृति, बोलिभाषा व सभ्यताओं को बचाने में कार्यरत है। वर्ष १९७० को उत्तराखंड के [...]