बूढ़ाकेदार मंदिर

By | July 12th, 2017|Blog|

  'बूढ़ाकेदार मंदिर' जहाँ विराजमान है भगवान शिव का वृद्ध स्वरूप। बूढ़ाकेदार के नाम से प्रसिद्ध भगवान शिव का मंदिर टिहरी गढ़वाल के थाती कठूड़ नाम स्थान पर स्थित है। टिहरी से इस मंदिर की दूरी लगभग ६० किलोमीटर की है। भगवान 'शिव' के भक्तों व अन्य श्रद्धालुओं के बीच यह एक आस्था व श्रद्धा के [...]

उत्तराखंड – सुख शांति का प्रतिरूप।

By | May 6th, 2017|Blog|

 किसी ने सत्य ही कहा है कि अगर सुख-शांति की तलाश हो, तो पहाड़ी इलाके ही एकमात्र ऐसे विकल्प हैं जहां आपको सुख-शांति की अनुभूति होती है। कुछ ऐसा ही है हमारा 'उत्तराखंड' ,इस भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों को लोगों से कोई मतलब नहीं होता, लेकिन यहां (उत्तराखंड) में लोग एक दूसरे के साथ [...]

उत्तराखंड अमर सपूत स्वर्गीय ‘श्री देव सुमन’

By | April 24th, 2017|Blog|

  उत्तराखंड ना केवल देवभूमि बल्कि ऐसे कई तथ्यों के लिए प्रसिदध है जिनके बारे मे जान कर हर एक उत्तराखंडी को गर्व महसूस होता है और आज हम इस लेख के माध्यम से ऐसे ही एक शख्श के विषय मे लिख रहे हैं जिनके कार्यों व बलिदान के लिए उत्तराखंड का हर एक व्यक्ति हमेशा [...]

रूपकुंड का रहस्यमय इतिहास

By | April 21st, 2017|Blog|

  रूपकुंड जिसे मुर्दा और कंकालों का कुंड भी कहा जाता है। यह कुंड ना केवल अपनी सुंदरता बल्कि मुर्दों के कुंड जैसी रहस्यमय इतिहास के लिए भी चर्चित है। तिब्बत सीमा के पास हिमालय की गोद में बसा रूपकुंड का इतिहास आज से कई वर्षों पुराना है और इसके इतिहास के विषय में जानकारो [...]

छानी – उत्तराखंडी किसानो का दूसरा बसेरा

By | April 17th, 2017|Blog|

  एक समय वो भी हुआ करता था जब उत्तराखंड के स्थानीय लोग कुछ महीनो के लिए अपने परिवार व अपने पालतू जानवरो के साथ छानी ( डांडो ) में रहने चले जाया करते थे। यह समय ४ से ५ महीनो का हुआ करता था । पशुओं के चारे व खेती के लिए उत्तराखंडी किसान [...]

उत्तराखंड की विस्तृत जानकारी।

By | April 13th, 2017|Blog|

इस लेख की जानकारी हमें उत्तराखंड मे रहने वाले अशुगीत मुकुल सिंह जी के Youtube विडीओ चैनल AshugeetTMEmpire से प्राप्त हुई। आशुगीत Youtube के माध्यम से लोगों तक उत्तराखंड की जानकारी पहुँचते हैं। उनकी  विडीओ के माध्यम से जानकारी पहुचाने की सोच बहुत अच्छी व प्रेरणादायक है। हमें उम्मीद है भविष्य में भी आशुगीत द्वारा कई ज्ञानवर्धक विड़ीयो [...]

कंड़ाली अथवा सियूँण के स्वस्थवर्धक फ़ायदे।

By | April 10th, 2017|Blog|

  बिछु घास  जिसे अंग्रेज़ी में  'Urtica Dioica' कहा जाता है। बिछु घास को उत्तराखंड में अलग अलग नाम से जाना जाता है, हिंदी में बिच्छुघास/बिच्छू-बूटी, गढ़वाल मे कंड़ाली तो कुमाऊँ मे इसे सियूँण कहा जाता है। जिन पहाड़ी इलाक़ों में २५ डिग़्री सेल्सियस तक तापमान होता है ये घास उन इलाक़ों में पाए जाते है। [...]

उत्तराखंडी विवाह की कुछ खास विशेषताएँ

By | April 7th, 2017|Blog|

  विवाह जीवन का ऐसा पढाव जहाँ कई सारे रीति रिवाज , रस्में व परम्पराए होती है तो हर धर्म, भाषा के लोगों की विवाह व उससे जुडे कई तौर तरीक़े रीति रिवाज होते है। उसी प्रकार इस लेख में उत्तराखंडी विवाह से जुड़ी कुछ विशेष बातो को लिखा गया है। जो की हर उत्तराखंडियों के [...]

पुराने दिनो की याद दिलाते है रामलीला और पांडव नृत्य

By | April 4th, 2017|Blog|

  रामलीला व पांडव नृत्यों के बारे में हर वो व्यक्ति जनता होगा जिसने अपना जीवन उतराखंड की सुंदर वादियों अनेको रीति रिवाजो, सुंदर परंपराओं व संस्कृति के बीच बिताया हो और हम में से ही कई लोगों ने गाँव में होने वाले इन एतिहासिक व पौराणिक कार्यक्रम रामलीला व पाण्डव नृत्य में भाग भी [...]

मिट्टी के घर – उत्तराखंड की लुप्त होती पारम्परिक पहचान

By | March 31st, 2017|Blog|

  वो भी क्या दिन थे जब उत्तराखंड के गाँवों में अधिकतर मिट्टी से बने घर ही नज़र आया करते थे परंतु आधुनिकरण की दौड़ में मनुष्य के शौक़ भी ऐसे बढ़ते चले गए की मिट्टी से बने घर उत्तराखंड की संस्कृति की तरह ही लुप्त होते नज़र आ रहे है। समय के साथ परिवर्तन [...]